Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook   Find us on Twitter Find us on Youtube View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

निविदायें और अधिसूचनाएं

समाचार एवं अद्यतन

अन्य जानकारी

हमसे संपर्क करें



 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
साइडिंग नीति

योजना विभाग की गतिविधिया

१. लाइन क्षमता को जोड़ने के लिए क्षमता तैयार करना, गुड्स शेड का विकास एव      

अन्य सरकारी एजेंन्सीयों से उक्त कार्य के लिए समन्नव्य.

२. जाँच तथा प्रस्तावो के अनुमोदित द्वारा प्राइवेट साईंडिंग एवप्राइवेट मालभाड़ा टर्मिनल खोलना

३. मेनपावर योजना: मध्य रेल के परिचालन विभाग के लिए स्टाफ अधिकारी मुख्य परिवहन योजनाप्रंबधक है तथा अपने अधीन कार्यरत क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान पर प्रशिक्षण सहित विभिन्नमेनपावर योजना को देखते है!

 

प्राइवेट साईंडिंगप्रस्तावो के डीलिंग की प्रक्रिया

लचीलीसाईंडिंग नीति के अनुसार प्राइवेटसाईंडिंग प्रस्तावो पर कारवाई की जाती है (रेलवे बोर्ड का दिनांक ३१.३.२००५ का पत्र संख्या ९९/टीसी (एफ़एम्)/२६/१ तथा इस संम्बंध में रेलवे बोर्ड द्वारा परवर्ती/शुधिया/संशोधन किए गये है! मुख्य बिंदु निम्म्नुसार है:

१.  आरटीसी के लिए आवेदन: ( रेलवे बोर्ड का दिनांक ०९.१२.२००४ तथा २०.०६.२००८ का पत्र संख्या २००१/टीटी(१)/आरटीसी/समीक्षा/१४

(i)  रुपये १५,०००/- गैर वापसी जमा के साथआरटीसी जारी करने हेतु निर्धारित  प्रोफोर्मा में आवेदन क्षेत्रीय रेल के मुख्य परिवहन योजना प्रबंधक को पार्टी द्वारा प्रस्तुत किया जाए! यदि पार्टी के पास मंत्रालय द्वारा जारी लिंकेज अथवा रेल मंत्रालय द्वारा अनुमोदित कंटेनर ऑपरेटर अथवा पोर्ट कनेक्टीविटी के विकास का प्रस्ताव है तोआरटीसी आवश्यकनहीं है!

(ii)  योजना शाखा पूर्व संभाव्यता रिपोर्ट तथा आरेख के आधार पर प्रस्तावों की जाँच परिचालनिकसंभाव्यता, दिएगये यातायात तथा भविष्य में विकास के लिए रेल योजनाओ पर परियोजना के परिणाम तथा क्षेत्र में अन्य भावी परियोजनाओ को देकते हुए की जाती है!

(iii)  यदि प्रस्तावित संचलन क्षेत्रीय रेल के अधीन है तोआरटीसी संबधित रेलवे द्वारा जारी की होगी अथवा परियोजना कीसंभाव्यता जिसमे उपरोक्त उल्लिखित विषयो को शामिल किया गया है, पर टिप्पणी देते हुए रेलवे बोर्ड कोआरटीसी जारी करने हेतु भेजा जाना चाहिए!

(iv) पार्टी कोआरटीसी रेलवे बोर्ड द्वारा जारी कीजाती है तथा इसकी प्रति संबंधित रेलवे को दी जाती है !

 

२. सैद्धातिक रूप से अनुमोदन करने के लिए आवेदन

(i) आरटीसी में उल्लिखित शर्तो के अनुसारआरेखकेसाथसंभाव्यता रिपोर्ट सहितसैद्धातिक रूप से अनुमोदन के लिए पार्टी द्वारा मुख्य परिवहन योजनाप्रबंधक को आवेदन देना होगा!

(ii) सैद्धातिक रूप से अनुमोदन प्रदान करते समय मुद्दों की जाँच कीजानी चाहिए!

(अ) लिंकेज/आरटीसी/कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर का मंत्रालय से अनुमोदन/पोर्ट कांनेक्टिविटी के विकास की उपलब्धता!

(ब) वर्त्तमान ब्लाक सेंक्शन अथवामिडसेंक्शनसे प्रस्तावित लाइन लेना तथा यार्ड रिमौडलिंग पर इसकी जटिलताए, लाइन क्षमता तथा रेलवे की भावी विकास योजना!

(क) प्रोजेक्टेड ट्राफिक, डायरेक्शन ऑप मूवमेंट तथा अन्य परिचालनिक आवश्यकताओं के अनुसारसाईंडिंग/स्टेशन यार्ड का ले-आउट

(ड) कर्षण एव प्रस्तावित कार्य प्रणाली कीआवश्यकता

(iii)  मुख्य परिवहन योजनाप्रबंधकसैद्धातिक रूप से का अनुमोदन जारी किया जाए तथासंबंधित मंडलों को इसकी प्रति पृष्ठाकिंत की जाए!

३. मंडल का अनुमोदन प्राप्त करने के लिए ईएसपी तथा डीपीआर मंडल कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए!

(i)   ईएसपी तथाडीपीआर की ७ प्रतिया १% कोडल चार्ज सहित संबधित मंडल के वरिष्ट मंडल परिचालनप्रबंधक को पार्टी प्रस्तुत की जानी चाहीए !

(ii)  वरिष्ट मंडल परिचालनप्रबंधक द्वारा अनुमोदन/देखनेके लिए इसकी प्रति सभी ब्रांच अधिकारियो को परिपत्रित की जानी चाहीए !

(iii)  अनुमोदन देते समय मंडल द्वारा मुद्दों की जाँच की जानीचाहीए !

(क)  वास्ताविक साईट संभाव्यता

(ख)  लीजेंड के अनुसार ड्राईड की पृष्टि

(ग)  स्पष्ट सत्यापन/रेलवे के डीमारकेशन तथा प्राइवेट भूमि की बांउंड्री

(घ)  ढलान/ट्रैक सेंटर/क्रास ओवर का प्रकार/कीमी पोस्टस के संकेत

(ड)  प्रत्येकलाइन का अपेक्षित सीएसआर, परिचालनिक संभाव्यताअपेक्षित आईसोलेशन तथा भार ब्रिज का प्रावधान को सुनिच्चित करते हुए यार्ड/साइडिंग का ले-आउट

(च)  अनुमोदन से पूर्व सभी विभागों द्वारा देखने की अनुपालन रिपोर्ट

(छ)  ईएसपी के अधीन सभी ब्रांच अधिकारी एवं मंडल रेलप्रबंधक का अनुमोदन:

वरिष्ट मंडलपरिचालनप्रबंधकवरिष्ट मंडल विद्दुत इंज़िनीअर(जी)वरिष्ट मंडलविद्दुतइंज़िनीअर (टीआरडी)वरिष्ट मंडलयांत्रिकइंज़िनीअर,  वरिष्ट मंडलइंज़िनीअरवरिष्ट मंडल सिग्नल एवदूरसंचारइंज़िनीअरवरिष्ट मंडल वाणिज्यइंज़िनीअर

(ज)साइडिंग के ऑनर का अनुमोदन

(झ) ईएसपी २ शीट से अधिक में नहीं होनी चाहीए

(iv) ईएसपी एव डीपीआर को मुख्यालय में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करना

(क) मंडल द्वारामुख्य परिवहन योजनाप्रबंधक कोईएसपीएव डीपीआर की यथा अनुमोदित एव विधिक्षा की गई ७ प्रतियाप्रस्तुत करे

(ख) सभी ब्रांच अधिकारीयों एव पार्टी के अनुमोदन का सत्यापन

(ग) मुख्यालय के संबधित प्रमुख विभागाध्यक्ष जैसे मुख्ययांत्रिकइंज़िनीअरमुख्यविद्दुतइंज़िनीअरमुख्यसिग्नल एव दूरसंचारइंज़िनीअरमुख्यवाणिज्यप्रबंधकमुख्यइंज़िनीअरप्रबंधक (कार्य), को देखने/अनुमोदन के लिए प्रतियों को परिपत्रित करना.

(घ)संपर्कद्वारा विभिन्न विभागों से संपर्क द्वारा देखे जाने का अनुपालन पत्र

(ड) परिचालन विभाग द्वारा पैरा III (iii) में उल्लेखित परिचालन आवशक्यकताओं एव मुख्य विशेषतोओं के अनुसार जाँच करना तथा मुख्य परिचालनप्रबंधक का अनुमोदन प्राप्त करना.

(च)मुख्यइंज़िनीअर को जाँच केलिएतथा बकाया अतिरिक्त १% कोडल प्रभार लेने के बाद अंतिम अनुमोदन के लिए सभी ब्रांचो का अनुमोदन प्रस्तुत करना

(छ) पार्टी को अंतिम अनुमोदन देना

(v) कार्य का निष्पादन एव साईडिंग आरंभ करना

(क) रेलवे अथवा अनुमोदित रेलवे सलाहकार के माध्यम से पार्टी द्वारा कार्य निष्पादन (डिपोजिट वर्क के अनुसार)

(ख) २% कोडल प्रभार लेने के बाद मंडल द्वारा तथा कार्य पूर्ण प्रमाण-पत्र जारी करना

(ग) मंडल की वाणिज्य शाखा करार पर हस्ताक्षर करेगी तथा मुख्यालय की वाणीज्यिक शाखा साईडिंग की कमीशिंनीग हेतु एआरएन जारी करेंगे

(vi)  अन्य अनुमोदन

ईएसपीएव डीपीआर के अंतिम अनुमोदन के बाद पार्टी विस्तृत प्राक्कलन, ब्रिज ड्राइंग, वारयिंग डायग्राम तथा इंटरलोकिंग प्लान प्रस्तृत करेगी जो मंडल तथा मुख्यालय के संबधित विभागों द्वारा अनुमोदितहोगी




Source : CMS Team Last Reviewed on: 16-06-2021  


  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.