Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook   Find us on Twitter Find us on Youtube View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

निविदायें और अधिसूचनाएं

समाचार एवं अद्यतन

अन्य जानकारी

यात्री सूचना

हमसे संपर्क करें



 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
बार बार पूछे जानेवाले प्रश्न

बार बार पूंछे गये प्रश्न

अधिमान्य यातायात अनुसूचि क्या है?

इसे प्राथमिकता अनुसूची के नाम से जाना जाता है! इसमे यातायात एव शर्ते दर्शायी गई है जिसके अंतगर्त संबधित प्राथमिकता के आधार पर वैगनका आबटन किया जा सके! इस अनुसूचि के अनुसार विभिन्न प्रकार के यातायात को प्राथमिकता ए से ई तक किया गया है! ए उच्च प्राथमिकता है! इस अनुसूचि के जनता के हित में भारत सरकार के सामान्य आदेश होतेहै!

विस्तृत जानकारी के लिए भारत सरकार, रेल मंत्रालय द्वारा जरी वैगानों के अंबाटन के लिए सामान्य आदेश सं ७८ को देखे!

वैगन पंजीकरण शुल्क क्या है?

यह वैगन की मांग पंजीकरण करते समय निर्धारित देय शुल्क है! इस शुल्क का भुगतान प्रति वैगन दर के आधार पर है!  लागू दर कोगुड्स  बुकिंग स्टेशन से प्राप्त किया जा सकता है!

ग्राहक जो रेलवे स्टेशन पर नियमित व्यवसाय करते है,  यदि वे चाहे तोवैगन के लिए मांगपत्र हेतु प्रत्येक समय भरा जानेवाला पंजीकरण शुल्क के स्थान पर एकमुश्त राशि जमा करने की सुविधा प्राप्त कर सकते है! यह सुविधा के विशीष्ठ आवेदन पत्र पर संबधीत स्टेशन प्रबधक के माध्यम से वरिष्ट वाणिज्य प्रबधक द्वारा प्रदान की जातीहै!

इस संबध में विस्तृत जानकारी के लिए आईआरसीए गुड्स टेरिफ सं. ४१ भाग (वेल्युम) का परिशिष्ट II तथा भारतीय रेल वाणिज्य नियमावली वेल्युम II देखे! यह विवरण गुड्स बुकिंग स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से प्राप्त किया जा सकताहै 

आबंटन कैसे दिया जाताहै?

वैगन/रेक का आबंटन पार्टी द्वारा गुड्स बुकिंग स्टेशन पर दिए गए मांगपत्र के अनुसार  दिया जाता है!  आबंटन देते समय यातायात की प्रथामिकता एवं पंजीकरण की तिथि पर विचार किया जाता है!

उच्च प्रथामिकता ए को तथा बाद में ब़ी, सी, डी को दी जाती है एव अंतिम ई को दी जाती है!

मांगपत्र की पुरानी पंजीकरण तिथि के अनुसार प्राथिमिकता के आधार पर आबंटन दिया जाता है! विशीष्ठ यातायात अथवा गन्तव्य के लिए प्रतिबंध है जोकि समय 

समय पर लागू होते है तो उन पर भी विचार किया जाता है!  यह प्रतिबंध परिचालन अथवा सिविल के हो सकते है! किसी भी पॉइंट पर लगे प्रतिबंध की विस्तृत जानकारी गुड्स बुकिंग स्टेशन के स्टेशन प्रंबधक /मुख्य गुड्स पर्यवेशक से प्राप्त किया जा सकता है!

प्राथिमिकता पर विचार ना करते हुए सप्ताह में एक बार ओ डी आर के अनुसार आबंटन दिया जाता है जैसे की उत्तर सीमान्त रेलवे के गंतव्यों के लिए आबंटन

सामान्य  आदेश क्या है (युक्तिकरण योजना)?

रेलवे बोर्ड द्वारा सभी क्षेत्रीय रेलो को पुरे भारतीय रेल पर आरंभिक स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक वेगनो के संचालन हेतू मार्ग अपनाने के लिये सामान्य आदेश के तहत दिशा निर्देश दिये जाते है! 

इस आदेश के प्रावधान डाईमेंशनल पारेषण, पी ओ एल  यातायात एवं खाने योग्य नमक पर लागू नहीं होते है! क्योंकि नमक मानवीय आवश्यकता है! इस आदेश के प्रावधान जब तक अन्य विनिदीर्ष्ट न हो विभिन्नं खंडो से जुडी ब्रांच लाइनो पर लागू है!

मिनी रेक क्या है?

सी आर टी  वैगन को माल संचलन सेहटाने के कारण तथा मानक गाड़ी लदान यातायात से काम छोटे लदान के आकर्षण देखते हुए रेल मंत्रालय ने विपणन रणनीति के रूप में नया कंन्सेपट जैसे मिनी रेक को प्रायोगिक तौर पर आरंभ किया!

नियम एव शर्ते

यह योजना केवल उन ग्राहकों के लिए लागू होगी जो पिछले वर्ष के लदान की तुलना में ७०% से अधिक यातायात प्रदान करता है अथवा ५ प्रतिशत अतिरिक्त यातायात देने का इछुक है तथा विनिद्रिष्ट स्तर का यातायात देने का वचन देताहै!

मिनी रेक की संरचना न्यूनतक २० बीसीएक्स वैगन की होगी! इस प्रकार के मिनी रेक को ट्रेन लोड क्लास रेट प्रदान किये जायेंगे!

मिनी रेक ३०० कि.मी. कीदुरी तक के लिए चलाए जायेंगे!  इस प्रकार के संचलन जुडी हई शेत्रीय रेलों पर भी अनुमेयहै1

मिनी रेक के लिए लदान/उतरान हेतु फ्री टाइम केवल पांच घंटेहोंगे!

मिनी रेक प्रणाली के अंतर्गत संचलित यातायात के लिए स्टेशन से स्टेशन रियायत कि अनुमति नहीं होगी! उसी प्रकार इस प्रकार का यातायात केवल बेंच मार्क फिक्ससेशंन सेटज तक वोलूमं डिस्काउंट स्कीम के अंतर्गत गिने जाने के पात्र होगा! विस्तृत विवरन के लिये दिनाक १३/०९/२००२ को जारी पत्र संख्या टी सी आर १०१७/२०००/११ के अन्तर्गत  रेलवे बोर्ड  के दर अनुदेश संख्या २००१ के ८४ को देखे!

स्टेशन से स्टेशन दर क्या है ?

वर्त्तमान यातायात को रोक कर रखनातथा अतिरिक्त मालभाड़ा यातायात को आकर्षित करने के लिए, रेल मंत्रालय ने स्टेशन से स्टेशन दर विपणन योजना लागू की है! महाप्रबंधक को रियायत देने की शक्तिया प्रदान की गयी है!  मालभाड़ा दर में एसटीएस रियायत प्रारंभिक तथा गन्तव्य स्टेशनो के विशीष्ठ जोडे के बीच संचलन के लिए विशेष वस्तु के यातायात पर लागू है! मालभाडा दर में एसटीएस रियायत केवल या तो परेषक अथवा परेषिति तो दत्त एव देय तथा ब्लोक रेक यातायात के लिये दी जा सकती है!

विस्तृत विवरन के लिए दिनाक ६।६।२००२ को जारी पत्र सं टीसीआर/१६१८/२००२/७ के अन्तर्गत रैलवे बोर्ड के दर अनुदेशसं २००२ के ३६ को देखे!

वेल्युम डिसकाउन्ट योजना क्या है?

रेल मन्त्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष १९९८-९९ में मालभाडा दर में एक अन्य वेल्युम डिसकाउन्ट विपणन योजना आरंभ् की है! इस योजना के तहत इनक्रीमेंटल यातायात कि गणना करने के लिये पीछले वित्तीय वर्ष के आलौच्या ६ माह के अवधी के दौरान दिये गये यातायात को मानक समझा जायेगा! 

विस्तृत विवरण के लिये दिनांक २२/१०/२००१ को जरी पत्र संख्याटीसीआर/१६१८/२०००/२४ के अंतर्गत रेल्वे बोर्ड के दर अनुदेश संख्या २००१ के ९३ को देखे!

परीचालानिक प्रतिबंध क्या है ?

परिचालन प्रतिबन्ध मार्ग अथवा टर्मिनल पर कुछ परिचालनिक समस्याओं के परिणाम स्वरूप लगाए जाते है जो रेलवे को अमुख वाया अथवा स्थल के लिए यातायात हेनडल करने से रोकते है ! यह मंडल नियंत्रक कार्यालयों के माध्यम से गुड्स बुकिंग स्टेशनो को समय समय पर भेजे जाते है ! समय प्रतिबन्ध लागू करने के दौरान अमुख वाया अथवा गंतव्य के लिए लदान नहीं किया जा सकता !

न्यूनतम भर शर्ते क्या है

प्रति रेक लदान की जाने वाली न्यूनतम वेगानो की संख्या तथा प्रत्येक प्रकार की वेगन के लिए न्यूनतम भार दोनों के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा लदान वर्गीकरण की न्यूनतम भार शर्ते निर्धारित की है ! यह अनुदेश मानक रेक साइज़ को भि निर्धारित करते है !

विस्तृत जानकारीके लिये दिनांक १७/०८/१९९८को जरी १९९८ के दर अनुदेश संख्या ४९ पर उपलब्ध है ! यह विवरण किसी भि गुड्स बुकिंग स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से भि प्राप्त किये जा सकते है ! 

ओपन स्टॉक में लदान के लिए उपलब्द लाभ क्या है?

जब परेषक द्वारा स्वयं की लगत पर ओपन वैगन के ब्लाक रेक को ढकने के लिए ताड़पत्री की आपूर्ति की जाती है तब सीमेंट तथा केमिकल मैनुआर की मालभाड़ा दर में १०% की छुट रेलवे द्वारा दि जाती है!

गुड्स दर के अनुसार वर्गीकरण ?

रेलवे ने यातायात में कतिपय वर्गिकरणों के लिए वस्तुओ को वर्गिकृत किया है! बेस क्लास १०० है तथा ९० से ३०० बेस क्लास रेगिंग के सम्बन्ध में ३२ प्रतिशत क्लासेस है ! इस वर्गीकरण के आधार पर मालभाड़ा दर निर्धारित है ! गाडी लदान तथा वेगन लदान यातायात के लिए आलग से वर्गीकरण है!




Source : CMS Team Last Reviewed on: 30-08-2011  


  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.