मध्य रेल पर एक नज़र - परिचय
1 प्रणाली
ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेल, जो बाद में वर्तमान मध्य रेल की स्थापना16 अप्रैल, 1853 को हुई तथा इसी दिन भारतीय उपमहाद्वीप पर पहली ट्रेन मुंबई से ठाणे तक चली, जो कि केवल 33 किलोमीटर की मामूली दूरी थी। तब से मध्य रेल का कई गुना विकास हुआ है।
1 अप्रैल 2003 के बाद, मध्य रेल को तीन भागों में विभाजित कर दिया गया। भोपाल और जबलपुर मंडल को पश्चिम मध्य रेल में स्थानांतरित कर दिया गया और झांसी मंडल को उत्तर मध्य रेल में स्थानांतरित कर दिया गया। दक्षिण मध्य रेल का पुणे-मिरज-कोल्हापुर खंड मध्य रेल में शामिल हो गया और मध्य रेल के पुणे मंडल का हिस्सा बन गया।
2 अवलोकन मार्ग
I | II |
मध्य रेलद्वारासेवित राज्य | मंडल |
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक | मुंबई, सोलापुर, पुणे, भुसावल, नागपुर |
3.यात्री-संचालन
गैर-उपनगरीय
मध्य रेल अधिकतम मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों सहित यात्री ट्रेनें (गैर-उपनगरीय) चलाता है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशाओं और जम्मू-तवी, गुवाहाटी, कन्याकुमारी, हावड़ा, बैंगलोर, हैदराबाद, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, गोरखपुर और इलाहाबाद जैसे सुदूर गंतव्यों को जोड़ती हैं।
उपनगरीय
मध्य रेल विश्व के सबसे बड़े उपनगरीय नेटवर्क में से एक का संचालन करता है। इसे अक्सर मुंबई महानगर की जीवन रेखा कहा जाता है।
मध्य रेल की मुंबई उपनगरीय प्रणाली छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से कल्याण (54 किलोमीटर) तक और उसके आगेजहाँ यह दो दिशाओं में विभाजित हो जाती है, एक कसारा (121 किलोमीटर) और दूसरी खोपोली (114 किलोमीटर)तक फैली हुई है ।
मध्य रेल का हार्बर लाइन कॉरिडोर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से वडाला तक फैला हुआ है, जहाँ यह दो दिशाओं में विभाजित हो जाती है, एक माहिम में पश्चिमी रेल से जुड़ती है (12.47 किलोमीटर) और दूसरी कुर्ला और उसके आगे नवी मुंबई तक जाती है, जो पनवेल (49 किलोमीटर) पर समाप्त होती है। मध्य रेल की हार्बर शाखा लाइन जो माहिम में पश्चिमी रेल से जुड़ती है, गोरेगांव तक जाती है।
ठाणे-तुर्भे-वाशी, डबल लाइन खंड (18.6 किलोमीटर) 9 नवंबर, 2004 को चालू किया गया था। 9 जनवरी, 2009 को तुर्भे और नेरुल के बीच लाइन का उद्घाटन किया गया, जो की आगे नेरुल पनवेल तक जुड़ जाती है।
बेलापुर/नेरुल - खारकोपर खंड 11.11.2018 को शुरू किया गया था।
4 फ्रेट ऑपरेशन
मध्य रेलवेद्वारा संचालित किये जाने वाले माल-यातायात के प्रमुख प्रवाह निम्नानुसार हैं –
कोयला - वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (पेंच और चंदाघाटी) द्वारा नागपुर मंडल से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली के थर्मल पावर हाउस और निजी कंपनियों के कुछ कैप्टिव विद्युत संयंत्रों, मुख्यत सीमेंट कंपनियों के लिए कोयले का लदान किया जाता है।
पीएनपी मैरीटाइम (पीपीडीपी साइडिंग) से आयातित कोयले को महाराष्ट्र के थर्मल पावर हाउस (नासिक, भुसावल और परली) के लिए लोड किया जाता है।
लोहा और स्टील– लोहा और स्टील लोडिंगJSW (मुंबई डिवीजन में डोल्वी और वासिंद), कलमेश्वर और वर्धा (नागपुरडिवीजन) से किया जाता है|
सीमेंट- सोलापुर डिवीजन (वाडी, हॉटगी), नागपुर डिवीजन ( घुगुसऔर चंद्रपुर), भुसावल डिवीजन (भादली) पर सीमेंट संयंत्रों से महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक के गंतव्यों के लिए सीमेंट लोड किया जाता है।
ऑटो मोबाइल यातायात -ऑटोमोबाइल यातायात कलंबोली मुंबई डिवीजन, नासिक और देवलाली (भुसावल डिवीजन), चिंचवाड़, लोनी, श्रीगोंडा और विलाड (पुणे डिवीजन), अजनी (नागपुर डिवीजन) से लोड होता है।
पेट्रोलियम उत्पादों को ट्रॉम्बे, जसई और उरण (मुंबई डिवीजन), पनेवाड़ी (भुसावल डिवीजन), लोनी (पुणे डिवीजन), पकनी (सोलापुर डिवीजन) से उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के गंतव्यों के लिए लोड किया जाता है।
लौह-अयस्क बल्लारशाह (नागपुर डिवीजन) से कर्नाटक, पूर्वी राज्यों और जेएसडब्ल्यूडी, मुंबई डिवीजन के लिए लोड किया जाता है।
वाणिज्यिक विभाग का संगठन और कार्य - मुख्यालय कार्यालय
वाणिज्य विभाग रेल द्वारा प्रदान किए जाने वाले परिवहन के विपणन और बिक्री, यातायात बनाने और विकसित करने, यात्रा करने वाले और व्यापारिक लोगों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने और अच्छे जनसंपर्क विकसित करने के लिए जिम्मेदार है। दरें, किराया और अन्य शुल्क तय करना और यातायात प्राप्तियों का सही संग्रह, लेखा और प्रेषण मुख्य कार्य हैं।
वाणिज्य विभाग में निपटाए जाने वाले महत्वपूर्ण मामले हैं;
दर और किराया | अनुसंधान और विकास |
धन वापसी और मुआवजे के लिए दावे | खानपान और विक्रय करना |
दावों की रोकथाम | टिकट जाँच |
विपणन और बिक्री | वाणिज्यिक सांख्यिकी |
यात्री सुविधाएं | आरक्षित और अनारक्षित टिकट प्रणाली |
अंतर-मॉडल समन्वय | वाणिज्यिक विज्ञापन और प्रचार। |