Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook   Find us on Twitter Find us on Youtube View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

निविदायें और अधिसूचनाएं

समाचार एवं अद्यतन

अन्य जानकारी

यात्री सूचना

हमसे संपर्क करें



 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS
प्रशासन


शैलेश गुप्ता, आईआरएसएसई ने दिनांक 20.11.2019  को मध्‍य रेल के  सोलापुर मंडल पर मंडल रेल प्रबंधक के रुप में कार्यभार ग्रहण किया।


सोलापुर मंडल की प्रमुख विशेषताएं

सामान्‍य प्रशासन संगठनात्‍मक ढॉंचा

राजपत्रित

क्र.सं.

अधिका‍री का नाम

पदनाम

फोन नंबर

01

श्री शैलेश गुप्ता

मंडल रेल प्रबंधक

0217-2312770

02

श्री वी .के.नागर

अपर मंडल रेल प्रबंधक

0217-2312754

03

श्री  मनुमनीष गुप्ता 

मं. रे.प्र. के कार्यकारी सहायक एवं वरि. मंडल सामग्री प्रबंधक

0217-2311843

04

श्री एच.वी.सुमंत      

राजभाषा अधिकारी

0217-2315484

05

श्री सलाहउद्दीन मुजाहीद

मंडल रेल प्रबंधक के

निजी सचिव(राजपत्रित)

सोलापुर मंडल का इतिहास

रेल प्रणाली के तौर पर जीआईपी रेलवे के हिस्‍से के रूप में सोलापुर मंडल रायचुर से पुणे/मनमाड तक मेन लाइन से जुड़ा  140 वर्ष पुराना मंडल है।क्षेत्रीय रेलों की स्‍थापना के पश्‍चात यह मंडल 1966 से 1977 के बीच दक्षिण मध्‍य रेलवे का हिस्‍सा थाकुछ मार्ग छोड़कर और कुछ मार्ग प्राप्‍त करने के बाद यह फिर से मध्‍य रेलवे का हिस्‍सा बन गयामूलतइस मंडल पर मुख्‍य मार्ग पर बड़ी लाइन के अलावा बीजापुर की ओर मीटर लाइन की छोटी शाखा थीजो अब बड़ी लाइन है।साथ ही मिरज से लातूर को जोड़ने वाली 370 कि मी लम्बीछोटी लाइन भी इस मंडल पर थी।बारसी लाइट रेलवेबीएलआर ) का छोटी लाइन वाला यह लम्बा मार्ग पूरी तरह बड़ी लाइन में परिवर्तित हो जाने से अब छोटी लाइन इतिहास का हिस्‍सा बन चुकी है।

पूरे मंडल पर खपरैल की ऊंची छतों की कई इमारतें हैंजो इनके रख-रखाव के लिए एक प्रकार की चुनौती हैपरंतु दिखने में ये इमारतें आकर्षक और ऊंची ढाल वाली सिलिंग छत के कारण सुविधाजनक भी हैंखपरैल की छत और कार्यालयों की कतार की दोनों तरफ विशाल बरामदा और बीच में हरियाली सहित ‘ ’ आकार की मंडल कार्यालय की इमारत निश्चित रुप से बेमिसाल वास्‍तु है। संपूर्ण भारतीय रेल पर मंडल कार्यालय की इस प्रकार की यह एकमात्र अनोखी इमारत हो सकती है।उसी प्रकार मंडल रेल प्रबंधक निवास की इमारत भी पूरे सोलापुर शहर में ऐतिहासिक इमारत है।

सोलापुर शहर 16 ( सोला ) गांवों के समूह से बना हुआ है और इतिहास में उसका बड़ा महत्‍व हैडॉ.द्वारकानाथ कोटणीस सोलापुर के गौरवान्वित पुत्र हैंजिन्‍हें वर्ष 1938 में चीन-जापान युध्‍द के दौरान घायल चीनी सैनिकों का ईलाज करने के लिए चुनकर चीन भेजा गया थाडॉद्वारकानाथ कोटणीस ने चीन में केवल 32 वर्ष की युवा अवस्‍था में निधन होने तक 4 वर्ष स्‍वैच्छिकसेवा दीउनकी इन सेवाओं को चीन सरकार द्वारा आज भी दृढ़ता से याद किया जा रहा है

वर्ष 1930 में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गएनमक सत्याग्रह ” के दौरान सोलापुर शहर ने मई 1930 में 3 दिन के लिए ब्रिटिश शासन से अक्षरशस्वतंत्रता की घोषणा की गईतब सभी सरकारी पदाधिकारियों और पुलिस को शहर से बाहर रहने पर मजबूर होना पड़ा था। ब्रिटिश शासन को फिर से बहाल करने के लिए ब्रिटिश सेना के सोलापुर में दाखिल होने तक 3 दिन म्युनिसिपल भवन पर तिरंगा झंडा फहरता रहा। इस अभूतपूर्व आंदोलन के लिए 04 स्वतंत्रता सेनानियों यथा;मल्लप्पा धनशेट्टीजगन्‍नाथ शिंदेकुर्बान हुसैन और किसन सारडा को हिरासत में लिया गया और सैनिक न्यायालय में मुकदमा चलाकर जनवरी 1931 में उन्हें फांसी पर लटकाया गयाभारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इन सभी चार शहीदों ने अपनी अमिट छाप छोड़ दी

सोलापुर मंडल में दक्षिणी महाराष्ट्र क्षेत्र और कर्नाटक का कलबुरगि जिला शामिल हैमुंबई तथा चेन्नै के बीच मुख्य लाइन का हिस्सा है। सोलापुर मंडल इस क्षेत्र के विकास के लिए एक नये पर्व में प्रवेश करने जा रहा हैअगले वर्ष में इस क्षेत्र में विकास और समृध्दि लाने के लिए चलाई जा रही निम्नलिखित परियोजनाएं इस क्षेत्र के कायाकल्प की शुरुआत साबित होगी:-

सोलापुर मंडल पर कुल मार्ग  

किलोमीटर में

कुल मार्ग

985.78

कुल विद्यतीकरण खंड

311.27

कुल एकहरी लाइन

792.91

कुल दोहरी लाइन

192.87

दोहरी लाइन खंड

किलोमीटर


वाडी-कलबुरगि

38.35

अक्‍कलकोट रोड-वडशिंगे

124.16

भिगवन-दौंड

30.36

परियोजनाएं  प्रगति पथ पर :

01.

दौंड-मनमाड खंड का दोहरीकरण -  247 किलोमीटर (2019-20 में कुल 370 करोड़ रुपए की मंजूरी)

02.

दौंड-पुणे कॉर्ड लाइन  -  1.4 किलोमीटर

03.

समपार फाटकों को हटाकर सड़क संरक्षित करना  -   (128 में से 27)  

04

पुराने पुलों की पुन:स्‍थापना       -    58


विद्युतीकरण :

क)

लातूर – कुर्डुवाडी – मिरज खंड -  377 किलोमीटर लाइन – 348 करोड़ (दि.04.10.2018 को कार्य सौंपा गया।) 

     ख)

भिगवन-कलबुरगि -  635 किलोमीटर रेल पथ -  317.2 करोड़  (दि.24.12.2018 को कार्य सौंपा गया ।

      ग)

दौंड में  नए विद्युत लोको शेड का निर्माण  -ईरकॉन द्वारा कार्य प्रगति पर है।

                                 कार्य पूरा करने की निर्धारित तारीख  - सितंबर,2019

नई लाइन / परियोजना :  

01.

अहमदनगर-बीड-परली          -       250 किलोमीटर

02.

फलठण-पंढरपुर                   -      105 किलोमीटर

03.

04.

05.

जेऊर-आष्‍टी                        -      78  किलोमीटर 


सोलापुर-तुलजापुर-उस्मानाबाद  -     84.44 किलोमीटर

मराठवाडा रेलवे कोच फैक्टरी,लातूर- 350 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य जारी है।
प्रथम चरण प्रति वर्ष 250 कोच 
द्वितीय चरण प्रति वर्ष 500 कोच 




Source : CMS Team Last Reviewed on: 05-10-2020  


  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.